and karmic significance of Rahu and Ketu in Vedic astrology
including the interpretation of lifelines
विवाह
मनुष्य को अपने जीवन में नाना प्रकार के प्रश्न परेशान करते है और उन प्रश्नो के उत्तर पाने की जिज्ञासा भी मनुष्य को होती है I इसके समाधान में प्रश्न लग्न बहुत ही सहायक बनता है I अत : इस ग्रन्थ में ग्रन्थकार ने लग्न का महत्व एवं किस प्रकार के प्रश्न लग्न में कौन - कौन भाव में रहे हुए सूर्यादि ग्रह के आधार पर कैसे - कैसे उत्तर देना चाहिए इस बात की सूक्ष्मातिसूक्ष्म विचारणा इस ग्रन्थ में की है I 1300 श्लोक प्रमाण विशालकाय इस ग्रन्थ में यह एक ही विषय पर गहराई से समझाने का भारी प्रयत्न किया है I
वही उसका जन्म नक्षत्र मान लिया जाता है तथा वह नक्षत्र पूर्ण रूप से भी आंशिक रूप से जिस राशि के अंतर्गत आता है
Jaimini Sutram (Sampuran) [Hindi] 9788170821229 and karmic significance of RahuJaimini Sutram Sampuran (Hindi) by SC Mishra , , , , , , , , , , , , l